Latest Post

श्री बृहस्पति अष्टोत्तर शतनामावली || Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali

श्री बृहस्पति अष्टोत्तर शतनामावली, Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali, Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali Ke Fayde, Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali Ke Labh, Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali Benefits, Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali Pdf, Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali Mp3 Download, Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali Lyrics. 

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

नोट : यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

30 साल के फ़लादेश के साथ वैदिक जन्मकुंडली बनवाये केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

श्री बृहस्पति अष्टोत्तर शतनामावली || Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali

Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali में गुरु ग्रह के 108 नामों वर्णन किया हैं ! Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का नियमित पाठ करने से आप गुरु ग्रह के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं ! आपको गुरु जब अशुभ प्रभाव दे रहा हो या गुरु आपकी कुंडली में नीच या अशुभ भाव में हो या गुरु की दशा व् अन्तर्दशा या गोचर में अशुभ परिणाम दे रहा हो जब Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का पाठ करना बहुत लाभदायक होता हैं ! जिन जातकों की जन्म कुंडली में राहु और गुरु का चांडाल योग बन रहा हो उनके लिए Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का पाठ करने से गुरु चांडाल योग के अशुभ प्रभावों में कमी आती है !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 9667189678 Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali By Online Specialist Astrologer Sri Hanuman Bhakt Acharya Pandit Lalit Trivedi.

श्री बृहस्पति अष्टोत्तर शतनामावली || Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali

  • ॐ गुरवॆ नमः ।
  • ॐ गुणाकराय नमः ।
  • ॐ गॊप्त्रॆ नमः ।
  • ॐ गॊचराय नमः ।
  • ॐ गॊपतिप्रियाय नमः ।
  • ॐ गुणिनॆ नमः ।
  • ॐ गुणवंतांश्रॆष्ठाय नमः ।
  • ॐ गुरूनां गुरवॆ नमः ।
  • ॐ अव्ययाय नमः ।
  • ॐ जॆत्रॆ नमः ॥ १० ॥
  • ॐ जयंताय नमः ।
  • ॐ जयदाय नमः ।
  • ॐ जीवाय नमः ।
  • ॐ अनंताय नमः ।
  • ॐ जयावहाय नमः ।
  • ॐ अंगीरसाय नमः ।
  • ॐ अध्वरासक्ताय नमः ।
  • ॐ विविक्ताय नमः ।
  • ॐ अध्वरकृतॆ नमः ।
  • ॐ पराय नमः ॥ २० ॥
  • ॐ वाचस्पतयॆ नमः ।
  • ॐ वशिनॆ नमः ।
  • ॐ वश्याय नमः ।
  • ॐ वरिष्ठाय नमः ।
  • ॐ वाग्विचक्षणाय नमः ।
  • ॐ चित्तशुद्धिकराय नमः ।

  • ॐ श्रीमतॆ नमः ।
  • ॐ चैत्राय नमः ।
  • ॐ चित्रशिखंडिजाय नमः ।
  • ॐ बृहद्रथाय नमः ॥ ३० ॥
  • ॐ बृहद्भानवॆ नमः ।
  • ॐ बृहस्पतयॆ नमः ।
  • ॐ अभीष्टदाय नमः ।
  • ॐ सुराचार्याय नमः ।
  • ॐ सुराराध्याय नमः ।
  • ॐ सुरकार्यहितंकराय नमः ।
  • ॐ गीर्वाणपॊषकाय नमः ।
  • ॐ धन्याय नमः ।
  • ॐ गीष्पतयॆ नमः ।
  • ॐ गिरीशाय नमः ॥ ४० ॥
  • ॐ अनघाय नमः ।
  • ॐ धीवराय नमः ।
  • ॐ धीषणाय नमः ।
  • ॐ दिव्यभूषणाय नमः ।
  • ॐ धनुर्धराय नमः ।
  • ॐ दैत्रहंत्रॆ नमः ।
  • ॐ दयापराय नमः ।
  • ॐ दयाकराय नमः ।
  • ॐ दारिद्र्यनाशनाय नमः ।
  • ॐ धन्याय नमः ॥ ५० ॥
  • ॐ दक्षिणायन संभवाय नमः ।
  • ॐ धनुर्मीनाधिपाय नमः ।

साधना Whatsapp ग्रुप्स

तंत्र-मंत्र-यन्त्र Whatsapp ग्रुप्स

ज्योतिष व राशिफ़ल Whatsapp ग्रुप्स

Daily ज्योतिष टिप्स Whatsapp ग्रुप्स

  • ॐ दॆवाय नमः ।
  • ॐ धनुर्बाणधराय नमः ।
  • ॐ हरयॆ नमः ।
  • ॐ सर्वागमज्ञाय नमः ।
  • ॐ सर्वज्ञाय नमः ।
  • ॐ सर्ववॆदांतविद्वराय नमः ।
  • ॐ ब्रह्मपुत्राय नमः ।
  • ॐ ब्राह्मणॆशाय नमः ॥ ६० ॥
  • ॐ ब्रह्मविद्याविशारदाय नमः ।
  • ॐ समानाधिकनिर्मुक्ताय नमः ।
  • ॐ सर्वलॊकवशंवदाय नमः ।
  • ॐ ससुरासुरगंधर्ववंदिताय नमः ।
  • ॐ सत्यभाषणाय नमः ।
  • ॐ सुरॆंद्रवंद्याय नमः ।
  • ॐ दॆवाचार्याय नमः ।
  • ॐ अनंतसामर्थ्याय नमः ।
  • ॐ वॆदसिद्धांतपारंगाय नमः ।
  • ॐ सदानंदाय नमः ॥ ७० ॥
  • ॐ पीडाहराय नमः ।
  • ॐ वाचस्पतयॆ नमः ।
  • ॐ पीतवाससॆ नमः ।
  • ॐ अद्वितीयरूपाय नमः ।
  • ॐ लंबकूर्चाय नमः ।
  • ॐ प्रकृष्टनॆत्राय नमः ।
  • ॐ विप्राणांपतयॆ नमः ।
  • ॐ भार्गवशिष्याय नमः ।

  • ॐ विपन्नहितकराय नमः ।
  • ॐ बृहस्पतयॆ नमः ॥ ८० ॥
  • ॐ सुराचार्याय नमः ।
  • ॐ दयावतॆ नमः ।
  • ॐ शुभलक्षणाय नमः ।
  • ॐ लॊकत्रयगुरवॆ नमः ।
  • ॐ सर्वतॊविभवॆ नमः ।
  • ॐ सर्वॆशाय नमः ।
  • ॐ सर्वदाहृष्टाय नमः ।
  • ॐ सर्वगाय नमः ।
  • ॐ सर्वपूजिताय नमः ।
  • ॐ अक्रॊधनाय नमः ॥ ९० ॥
  • ॐ मुनिश्रॆष्ठाय नमः ।
  • ॐ नीतिकर्त्रॆ नमः ।
  • ॐ जगत्पित्रॆ नमः ।
  • ॐ सुरसैन्याय नमः ।
  • ॐ विपन्नत्राणहॆतवॆ नमः ।
  • ॐ विश्वयॊनयॆ नमः ।
  • ॐ अनयॊनिजाय नमः ।
  • ॐ भूर्भुवाय नमः ।
  • ॐ धनदात्रॆ नमः ।
  • ॐ भर्त्रॆ नमः ॥ १०० ॥
  • ॐ जीवाय नमः ।
  • ॐ महाबलाय नमः ।
  • ॐ काश्यपप्रियाय नमः ।
  • ॐ अभीष्टफलदाय नमः ।
  • ॐ विश्वात्मनॆ नमः ।
  • ॐ विश्वकर्त्रॆ नमः ।
  • ॐ श्रीमतॆ नमः ।
  • ॐ शुभग्रहाय नमः ॥ १०८ ॥
  • ॐ दॆवाय नमः ।
  • ॐ सुरपूजिताय नमः ।
  • ॐ प्रजापतयॆ नमः ।
  • ॐ विष्णवॆ नमः ।
  • ॐ सुरॆंद्रवंद्याय नमः ॥ ११२ ॥

॥ इति श्री बृहस्पत्याष्टॊत्तर शतनामावळिः संपूर्णम्‌ ॥

श्री बृहस्पति अष्टोत्तर शतनामावली के लाभ / फ़ायदे || Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali Ke Labh / Fayde

  • गुरु ग्रह की महादशा और अंतर्दशा आपके लिए विपरीत चल रही है तो Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का पाठ करना आपके लिए लाभदायक रह सकता हैं। 
  • Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का पाठ गुरु ग्रह के बुरे गोचर के समय करना भी जातक को फायदेमद रहता हैं। 
  • यदि आपके जीवन में गुरु ग्रह से संबधित कोई रोग या बीमारी हो रही हो तो Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का पाठ उस समय जरूर करना चाहिए। 
  • जातक की कुंडली अनुसार गुरु ग्रह मारकेश हो और आपके जीवन में गुरु ग्रह प्रभावित कर रहा हो तो भी Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का पाठ करना आपको बहुत ज्यादा लाभ दे सकता हैं। 

  • यदि आप अपने जीवन में गुरु ग्रह से होने वाले नुकसान या बुरे प्रभाव से किसी भी तरह से ग्रस्त चल रहे हो तो भी Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का पाठ करने से आपके जीवन में सुधार देखने को जरूर मिलेगा। 
  • Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का रोजाना पाठ पाठ करने से गुरु ग्रह को मजबूत बनाया जा सकता हैं। 
  • यदि कुंडली में गुरु ग्रह अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो भी रोजाना Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का पाठ करने से गुरु ग्रह की शांति की जा सकती हैं। 
  • जिन जातकों की जन्म कुंडली में गुरु ग्रह निर्बल अवस्था या पाप ग्रह से ग्रस्त से प्रभावित है तो Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का नित्य पाठ करना आपको फायदा पहुँचा सकता हैं। 
  • गुरु देव की नित्य पूजा पाठ में Sri Brihaspati Ashtottara Shatanamavali का पाठ करने से श्री गुरु देव की कृपा बनी रहती हैं। 

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

<<< पिछला पेज पढ़ें                                                                                                                      अगला पेज पढ़ें >>>


यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

यह पोस्ट आपको कैसी लगी Star Rating दे कर हमें जरुर बताये साथ में कमेंट करके अपनी राय जरुर लिखें धन्यवाद : Click Here

Call Now Button
You cannot copy content of this page