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श्री शनि अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् || Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram

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श्री शनि अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् || Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram

यह तो आप सब जानते हो की शनि देव को हिन्दू धर्म में न्याय के देवता हैं ! Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram का नियमित पाठ करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं । और शनि के साढ़ेसाती से मुक्ति मिलती है इसके साथ साथ शनि देव से होने वाली परेशानी से मुक्ति मिलती हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 9667189678 Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram By Online Specialist Astrologer Sri Hanuman Bhakt Acharya Pandit Lalit Trivedi.

श्री शनि अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् || Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram

शनैश्चराय शान्ताय सर्वाभीष्टप्रदायिने ।

शरण्याय वरेण्याय सर्वेशाय नमो नमः ॥ १॥

सौम्याय सुरवन्द्याय सुरलोकविहारिणे ।

सुखासनोपविष्टाय सुन्दराय नमो नमः ॥ २॥

घनाय घनरूपाय घनाभरणधारिणे ।

घनसारविलेपाय खद्योताय नमो नमः ॥ ३॥

मन्दाय मन्दचेष्टाय महनीयगुणात्मने ।

मर्त्यपावनपादाय महेशाय नमो नमः ॥ ४॥

छायापुत्राय शर्वाय शरतूणीरधारिणे ।

चरस्थिरस्वभावाय चञ्चलाय नमो नमः ॥ ५॥

नीलवर्णाय नित्याय नीलाञ्जननिभाय च ।

नीलाम्बरविभूषाय निश्चलाय नमो नमः ॥ ६॥

वेद्याय विधिरूपाय विरोधाधारभूमये ।

भेदास्पदस्वभावाय वज्रदेहाय ते नमः ॥ ७॥

वैराग्यदाय वीराय वीतरोगभयाय च ।

विपत्परम्परेशाय विश्ववन्द्याय ते नमः ॥ ८॥

गृध्नवाहाय गूढाय कूर्माङ्गाय कुरूपिणे ।

कुत्सिताय गुणाढ्याय गोचराय नमो नमः ॥ ९॥

अविद्यामूलनाशाय विद्याऽविद्यास्वरूपिणे ।

आयुष्यकारणायाऽपदुद्धर्त्रे च नमो नमः ॥ १०॥

विष्णुभक्ताय वशिने विविधागमवेदिने ।

विधिस्तुत्याय वन्द्याय विरूपाक्षाय ते नमः ॥ ११॥

वरिष्ठाय गरिष्ठाय वज्राङ्कुशधराय च ।

वरदाभयहस्ताय वामनाय नमो नमः ॥ १२॥

ज्येष्ठापत्नीसमेताय श्रेष्ठाय मितभाषिणे ।

कष्टौघनाशकर्याय पुष्टिदाय नमो नमः ॥ १३॥

स्तुत्याय स्तोत्रगम्याय भक्तिवश्याय भानवे ।

भानुपुत्राय भव्याय पावनाय नमो नमः ॥ १४॥

धनुर्मण्डलसंस्थाय धनदाय धनुष्मते ।

तनुप्रकाशदेहाय तामसाय नमो नमः ॥ १५॥

अशेषजनवन्द्याय विशेषफलदायिने ।

वशीकृतजनेशाय पशूनाम्पतये नमः ॥ १६॥

खेचराय खगेशाय घननीलाम्बराय च ।

काठिन्यमानसायाऽर्यगणस्तुत्याय ते नमः ॥ १७॥

नीलच्छत्राय नित्याय निर्गुणाय गुणात्मने ।

निरामयाय निन्द्याय वन्दनीयाय ते नमः ॥ १८॥

धीराय दिव्यदेहाय दीनार्तिहरणाय च ।

दैन्यनाशकरायाऽर्यजनगण्याय ते नमः ॥ १९॥

क्रूराय क्रूरचेष्टाय कामक्रोधकराय च ।

कळत्रपुत्रशत्रुत्वकारणाय नमो नमः ॥ २०॥

परिपोषितभक्ताय परभीतिहराय ।

भक्तसङ्घमनोऽभीष्टफलदाय नमो नमः ॥ २१॥

इत्थं शनैश्चरायेदं नांनामष्टोत्तरं शतम् ।

प्रत्यहं प्रजपन्मर्त्यो दीर्घमायुरवाप्नुयात् ॥ २२॥

।। इति वृहत् श्री शनैश्चरस्तोत्रम् सम्पूर्णम् ।।

श्री शनि अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् के लाभ / फ़ायदे || Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram Ke Labh / Fayde

  • शनि ग्रह की महादशा और अंतर्दशा आपके लिए विपरीत चल रही है तो Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram का पाठ करना आपके लिए लाभदायक रह सकता हैं। 
  • Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram का पाठ शनि ग्रह के बुरे गोचर के समय करना भी जातक को फायदेमद रहता हैं। 
  • यदि आपके जीवन में शनि ग्रह से संबधित कोई रोग या बीमारी हो रही हो तो Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram का पाठ उस समय जरूर करना चाहिए। 
  • जातक की कुंडली अनुसार शनि ग्रह मारकेश हो और आपके जीवन में शनि ग्रह प्रभावित कर रहा हो तो भी Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram का पाठ करना आपको बहुत ज्यादा लाभ दे सकता हैं। 

  • यदि आप अपने जीवन में शनि ग्रह से होने वाले नुकसान या बुरे प्रभाव से किसी भी तरह से ग्रस्त चल रहे हो तो भी Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram का पाठ करने से आपके जीवन में सुधार देखने को जरूर मिलेगा। 
  • Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram का रोजाना पाठ पाठ करने से शनि ग्रह को मजबूत बनाया जा सकता हैं। 
  • यदि कुंडली में शनि ग्रह अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो भी रोजाना Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram का पाठ करने से शनि ग्रह की शांति की जा सकती हैं। 
  • जिन जातकों की जन्म कुंडली में शनि ग्रह निर्बल अवस्था या पाप ग्रह से ग्रस्त से प्रभावित है तो Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram का नित्य पाठ करना आपको फायदा पहुँचा सकता हैं। 
  • शनि ग्रह ढैय्या एवम साढ़ेसाती में भी Sri Shani Ashtottara Shatanama Stotram का पाठ करना बहुत उपयोगी रहता हैं।

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