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इंद्रकृत श्रीराम स्तोत्र || Indra Kruta Sri Rama Stotram || Rama Stotram

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इंद्रकृत श्रीराम स्तोत्र || Indra Kruta Sri Rama Stotram

इंद्रकृत श्रीराम स्तोत्र भगवान श्री राम जी को समर्पित हैं ! इंद्रकृत श्रीराम स्तोत्र इंद्र देव जी के द्वारा रचियत हैं ! इंद्रकृत श्रीराम स्तोत्र अध्यात्म रामायण  के अंतर्गत से ली गई हैं ! इंद्रकृत श्रीराम स्तोत्र को नियमित भगवान श्री राम जी की पूजा अर्चना में करने से लाभ मिलता हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 9667189678 Indra Kruta Sri Rama Stotram By Online Specialist Sri Hanuman Bhakt Astrologer Acharya Pandit Lalit Trivedi.

इंद्रकृत श्रीराम स्तोत्र || Indra Kruta Sri Rama Stotram

इन्द्र उवाच

भजेऽहं सदा राममिन्दीवराभं भवारण्यदावानलाभाभिधानम् ।

भवानीहृदा भावितानन्दरूपं भवाभावहेतुं भवादिप्रपन्नम् ॥ १ ॥

सुरानीकदुःखौघनाशैकहेतुं नराकारदेहं निराकारमीड्यम् ।

परेशं परानन्दरूपं वरेण्यं हरिं राममीशं भजे भारनाशम् ॥ २ ॥

प्रपन्नाखिलानन्ददोहं प्रपन्नं प्रपन्नार्तिनिःशेषनाशाभिधानम् ।

तपोयोगयोगीशभावाभिभाव्यं कपीशादिमित्रं भजे राममित्रम् ॥ ३ ॥

सदा भोगभाजां सुदूरे विभान्तं सदा योगभाजामदूरे विभान्तम् ।

चिदानन्दकन्दं सदा राघवेशं विदेहात्मजानन्दरूपं प्रपद्ये ॥ ४ ॥

महायोगमायाविशेषानुयुक्तो विभासीश लीलानराकारवृत्तिः ।

त्वदानन्दलीलाकथापूर्णकर्णाः सदानन्दरूपा भवन्तीह लोके ॥ ५ ॥

अहं मानपानाभिमत्तप्रमत्तो न वेदाखिलेशाभिमानाभिमानः ।

इदानीं भवात्पादपद्मप्रसादात् त्रिलोकाधिपत्याभिमानो विनष्टः ॥ ६ ॥

स्फुरद्रत्नकेयूरहाराभिरामं धराभारभूतासुरानीकदावम् ।

शरच्चन्द्रवक्त्रं लसद्पद्मनेत्रं दुरावारपारं भजे राघवेशम् ॥ ७ ॥

सुराधीशनीलाभ्रनीलाङ्गकान्तिं विराधादिरक्षोवधाल्लोकशान्तिम् ।

किरीटादिशोभं पुरारातिलाभं भजे रमचन्द्रं रघूणामधीशम् ॥ ८ ॥

लसच्चन्द्रकोटिप्रकाशादिपीठे समासीनमङ्के समाधाय सीताम् ।

स्फुरद्धेमवर्णां तडित्पुञ्जभासां भजे रामचन्द्रं निवृत्तार्तितन्द्रम् ॥ ९ ॥

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