श्री रामचंद्र अष्टकम || Sri Ramachandra Ashtakam || Ram Chandra Ashtakam

श्री रामचंद्र अष्टकम, Sri Ramachandra Ashtakam, Sri Ramachandra Ashtakam Ke Fayde, Sri Ramachandra Ashtakam Ke Labh, Sri Ramachandra Ashtakam Benefits, Sri Ramachandra Ashtakam Pdf, Sri Ramachandra Ashtakam Mp3 Download, Sri Ramachandra Ashtakam Lyrics. 

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

नोट : यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

30 साल के फ़लादेश के साथ वैदिक जन्मकुंडली बनवाये केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

श्री रामचंद्र अष्टकम || Sri Ramachandra Ashtakam

श्री रामचंद्र अष्टकम भगवान श्री राम जी को समर्पित हैं ! श्री रामचंद्र अष्टकम श्री अमरदासकवि द्वारा रचियत हैं ! इसमें श्री अमरदासकवि जी ने भगवान श्री राम का बहुत ही सुन्दर वर्णन किया हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 9667189678 Sri Ramachandra Ashtakam By Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Trivedi.

श्री रामचंद्र अष्टकम || Sri Ramachandra Ashtakam

चिदाकारो धाता परमसुखदः पावनतनु,

र्मुनीन्द्रैर्योगीन्द्रैर्यतिपतिसुरेन्द्रैर्हनुमता ।

सदा सेव्यः पूर्णो जनकतनयाङ्गः सुरगुरुः,

रमानाथो रामो रमतु मम चित्ते तु सततम् ॥ १ ॥

मुकुन्दो गोविन्दो जनकतनयालालितपदः, 

पदं प्राप्ता यस्याधमकुलभवा चापि शबरी ।

गिरातीतोऽगम्यो विमलधिषणैर्वेदवचसा, 

रमानाथो रामो रमतु मम चित्ते तु सततम् ॥ २ ॥

सरल  ज्योतिष उपाय के लिए हमारे Youtube चेनल को Subscriber करें : Click Here

धराधीशोऽधीशः सुरनरवराणां रघुपतिः,

किरीटी केयूरी कनककपिशः शोभितवपुः ।

समासीनः पीठे रविशतनिभे शान्तमनसो,

रमानाथो रामो रमतु मम चित्ते तु सततम् ॥ ३ ॥

वरेण्यः शारण्यः कपिपतिसखश्चान्तविधुरो,

ललाटे काश्मीरो रुचिरगतिभङ्गः शशिमुखः ।

नराकारो रामो यतिपतिनुतः संसृतिहरो, 

रमानाथो रामो रमतु मम चित्ते तु सततम् ॥ ४ ॥

विरूपाक्षः काश्यामुपदिशति यन्नाम शिवदं,

सहस्रं यन्नाम्नां पठति गिरिजा प्रत्युषसि वै ।

स्वलोकेगायान्तीश्वरविधिमुखा यस्य चरितं,

रमानाथो रामो रमतु मम चित्ते तु सततम् ॥ ५ ॥

सरल  ज्योतिष उपाय के लिए हमारे Youtube चेनल को Subscriber करें : Click Here

परो धीरोऽधीरोऽसुरकुलभवश्चासुरहरः,

परात्मा सर्वज्ञो नरसुरगणैर्गीतसुयशाः ।

अहल्याशापघ्नः शरकर ऋजुः कौशिकसखो,

रमानाथो रामो रमतु मम चित्ते तु सततम् ॥ ६ ॥

हृषीकेशः शौरिर्धरणिधरशायी मधुरिपु,

रुपेन्द्रो वैकुण्ठो गजरिपुहरस्तुष्टमनसा ।

बलिध्वंसी वीरो दशरथसुतो नीतिनिपुणो,

रमानाथो रामो रमतु मम चित्ते तु सततम् ॥ ७ ॥

सरल  ज्योतिष उपाय के लिए हमारे Youtube चेनल को Subscriber करें : Click Here

कविः सौमित्रीड्यः कपटमृगधावी वनचरो,

रणश्लाघी दान्तो धरणिभरहर्ता सुरनुतः ।

अमानी मानज्ञो निखिलजनपूज्यो हृदिशयो,

रमानाथो रामो रमतु मम चित्ते तु सततम् ॥ ८ ॥

इदं रामस्तोत्रं वरममरदासेन रचित,

मुषःकाले भक्त्या यदि पठति यो भावसहितम् ।

मनुष्यः स क्षिप्रं जनिमृतिभयं तापजनकं,

परित्यज्य श्रेष्ठं रघुपतिपदं याति विशदम् ॥ ९ ॥

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

<<< पिछला पेज पढ़ें                                                                                                                      अगला पेज पढ़ें >>>


यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

यह पोस्ट आपको कैसी लगी Star Rating दे कर हमें जरुर बताये साथ में कमेंट करके अपनी राय जरुर लिखें धन्यवाद : Click Here