माता शैलपुत्री देवी की पूजा विधि || Mata Shailputri Devi Ki Puja Vidhi

माता शैलपुत्री देवी की पूजा विधि, Mata Shailputri Devi Ki Puja Vidhi, Mata Shailputri Ki Puja Kaise Kare, Mata Shailputri Devi Ka Swarup, Mata Shailputri Devi Ki Katha, Mata Shailputri Devi Ka Mantra, Mata Shailputri Devi Ke Upay.

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

नोट : यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

30 साल के फ़लादेश के साथ वैदिक जन्मकुंडली बनवाये केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

माता शैलपुत्री देवी की पूजा विधि || Mata Shailputri Devi Ki Puja Vidhi

नवरात्रों की शुरुआत माँ दुर्गा के प्रथम रूप “माँ शैलपुत्री” की उपासना के साथ होती है । शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्मी माँ दुर्गा के इस रूप का नाम Shailputri Devi है ! नवरात्रि पूजन के प्रथम दिन कलश स्थापना के साथ इनकी ही पूजा और उपासना की जाती है | माता शैलपुत्री का वाहन वृषभ है, पार्वती और हेमवती इन्हीं के नाम हैं । !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 9667189678 Mata Shailputri Devi Ki Puja Vidhi By Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Trivedi. 

माता शैलपुत्री देवी की पूजा विधि || Mata Shailputri Devi Ki Puja Vidhi

माता शैलपुत्री देवी का स्वरूप || Mata Shailputri Devi Ka Swarup

उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प रहता है | नवरात्र के इस प्रथम दिन की उपासना में योगी अपने मन को ‘मूलाधार’ चक्र में स्थित करते हैं और यहीं से उनकी योग साधना प्रारंभ होती  है | पौराणिक कथानुसार Shailputri Devi अपने पूर्व जन्म में प्रजापति दक्ष के घर कन्या रूप में उत्पन्न हुई थी | उस समय माता का नाम सती था और इनका विवाह भगवान् शंकर से हुआ था | 

सरल  ज्योतिष उपाय के लिए हमारे Youtube चेनल को Subscriber करें : Click Here

माता शैलपुत्री देवी की कथा || Mata Shailputri Devi Ki Katha

एक बार प्रजापति दक्ष ने यज्ञ आरम्भ किया और सभी देवताओं को आमंत्रित किया परन्तु भगवान शिव को आमंत्रण नहीं दिया | अपनी  मां और बहनों से मिलने को आतुर मां सती बिना निमंत्रण के ही तथा बिना शिवजी की आज्ञा के जब पिता के घर पहुंची तो उन्हें वहां अपने और भोलेनाथ के प्रति तिरस्कार से भरा भाव मिला | मां सती इस अपमान को सहन नहीं कर सकी और वहीं योगाग्नि द्वारा खुद को जलाकर भस्म कर दिया और अगले जन्म में शैलराज हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लिया एवं पार्वती के रूप में भगवान शंकर जी से विवाह किया |

सरल  ज्योतिष उपाय के लिए हमारे Youtube चेनल को Subscriber करें : Click Here

शैलराज हिमालय के घर जन्म लेने के कारण मां दुर्गा के इस प्रथम स्वरुप को Shailputri Devi कहा जाता है | मां भगवती की विशेष कृपा प्राप्ति हेतु षोडशोपचार पूजन के बाद नियमानुसार प्रतिपदा तिथि को नैवेद्य के रूप में गाय का घृत मां को अर्पित करना चाहिए और फिर वह घृत ब्राह्मण को दे देना चाहिए। मान्यता है कि Mata Shailputri की भक्तिपूर्वक पूजा करने से मनुष्य कभी रोगी नहीं होता ।  

माता शैलपुत्री देवी का मंत्र || Mata Shailputri Devi Ka Mantra

वंदे वाद्द्रिछतलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम | वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम्‌ || 

सरल  ज्योतिष उपाय के लिए हमारे Youtube चेनल को Subscriber करें : Click Here

माता शैलपुत्री देवी के उपाय || Mata Shailputri Devi Ke Upay

प्रतिपदा तिथि पर Mata Shailputri को घी का भोग लगाकर और दान करने से रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा शरीर निरोगी होता है !

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

<<< पिछला पेज पढ़ें                                                                                                                      अगला पेज पढ़ें >>>


यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

यह पोस्ट आपको कैसी लगी Star Rating दे कर हमें जरुर बताये साथ में कमेंट करके अपनी राय जरुर लिखें धन्यवाद : Click Here