श्री अंगारक स्तोत्रम् || Sri Angaraka Stotram || Angaraka Stotram in Sanskrit

श्री अंगारक स्तोत्रम्, Sri Angaraka Stotram, Sri Angaraka Stotram Ke Fayde, Sri Angaraka Stotram Ke Labh, Sri Angaraka Stotram Benefits, Sri Angaraka Stotram Pdf, Sri Angaraka Stotram in Sanskrit, Sri Angaraka Stotram Lyrics. 

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

नोट : यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

30 साल के फ़लादेश के साथ वैदिक जन्मकुंडली बनवाये केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

हर महीनें का राशिफल, व्रत, ज्योतिष उपाय, वास्तु जानकारी, मंत्र, तंत्र, साधना, पूजा पाठ विधि, पंचांग, मुहूर्त व योग आदि की जानकारी के लिए अभी हमारे Youtube Channel Pandit Lalit Trivedi को Subscribers करना नहीं भूलें, क्लिक करके अभी Subscribers करें : Click Here

श्री अंगारक स्तोत्रम् || Sri Angaraka Stotram

Sri Angaraka Stotram स्कान्द पुराणा के अन्तर्गतम् से लिया गया हैं ! जब किसी भी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह नीच का होकर या गोचर में बुरा प्रभाव दे रहा हो या मंगल ग्रह की दशा और अन्तर्दशा में बुरा फ़ल दे तो दिए गये श्री अंगारकस्तोत्रम् का रोजाना जाप करने से मंगल सम्बन्धित हो रही परेशानी से निजात मिलेगा ! श्री अंगारक स्तोत्रम् का रोजाना पाठ करने से मंगल ग्रह अपना बुरा प्रभाव छोड़कर अच्छा फ़ल देने लग जाता हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 9667189678 Sri Angaraka Stotram Acharya Pandit Lalit Trivedi 

श्री अंगारक स्तोत्रम् || Sri Angaraka Stotram

अंगारकः शक्तिधरो लोहितांगो धरासुतः।
कुमारो मंगलो भौमो महाकायो धनप्रदः ॥१॥
ऋणहर्ता दृष्टिकर्ता रोगकृत् रोगनाशनः।
विद्युत्प्रभो व्रणकरः कामदो धनहृत् कुजः ॥२॥

सामगानप्रियो रक्तवस्त्रो रक्तायतेक्षणः।
लोहितो रक्तवर्णश्च सर्वकर्मावबोधकः ॥३॥

रक्तमाल्यधरो हेमकुण्डली ग्रहनायकः।
नामान्येतानि भौमस्य यः पठेत् सततं नरः॥४॥

ऋणं तस्य च दौर्भाग्यं दारिद्र्यं च विनश्यति।
धनं प्राप्नोति विपुलं स्त्रियं चैव मनोरमाम् ॥५॥
वंशोद्योतकरं पुत्रं लभते नात्र संशयः ।
योऽर्चयेदह्नि भौमस्य मङ्गलं बहुपुष्पकैः।
सर्वं नश्यति पीडा च तस्य ग्रहकृता ध्रुवम् ॥६॥

यदि आपके जीवन में भी मंगल ग्रह के कारण किसी भी तरह की परेशानी आ रही हो तो अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

यह पोस्ट आपको कैसी लगी Star Rating दे कर हमें जरुर बताये साथ में कमेंट करके अपनी राय जरुर लिखें धन्यवाद : Click Here

Related Post :